अजवायन का परिचय (Introduction of Ajwain) आप अजवाइन के उपयोग के बारे में जरूर जानते होंगे, क्योंकि हर घर में रोज अजवाइन इस्तेमाल में लाई जाती है। आमतौर पर लोग अजवाइन को केवल खाना पकाते समय मसाले के रुप में ही उपयोग में लाते हैं, क्योंकि लोगों को यह नहीं पता कि अजवाइन एक बहुत ही उपयोगी औषधि भी है। कहने का मतलब यह है कि अजवाइन खाने के फायदे (ajwain ke fayde in hindi) एक नहीं, बल्कि कई सारे हैं। अजवाइन के बारे में एक आम कहावत है कि अकेली अजवाइन ही सैकड़ों प्रकार के अन्न को हजम करने में सहायता करती है। इसके साथ-साथ अजवाइन खाने के फायदे के रुप में यह भी बताया गया है, कि इससे कई बीमारियां भी ठीक की जा सकती हैं। अधिकांश लोगों को अजवाइन (ajwain ke fayde) से होने वाले फायदे की जानकारी ही नहीं होती। इसलिए वे अजवाइन का भरपूर लाभ नहीं ले पाते हैं। आइए आपको बताते हैं कि अजवाइन कितनी गुणकारी होती है। अजवायन क्या है? (What is Ajwain in Hindi?) अजवाइन मुख्यतः तीन प्रकार की होती है:- अजवाइन जंगली अजवाइन खुरासानी अजवाइन। यह एक बीज है, जो मसाला एवं औषधि के रूप में इस्तेमाल की जाती है। कई तरह ...
योग शब्द वेदों, उपनिषदों, गीता एवं पुराणों आदि में अति पुरातन काल से व्यवहृत होता आया है। भारतीय दर्शन में योग एक अति महत्त्वपूर्ण शब्द है। आत्मदर्शन एवं समाधि से लेकर कर्मक्षेत्र तक योग का व्यापक व्यवहार हमारे शास्त्रों में हुआ है। योगदर्शन के उपदेष्टा महर्षि पतञ्जलि ‘योग’ शब्द का अर्थ चित्तवृत्ति का निरोध करते हैं। प्रमाण, विपर्यय, विकल्प, निद्रा एवं स्मृति ये पञ्चविध वृत्तियाँ जब अभ्यास एवं वैराग्यादि साधनों के द्वारा निरुद्ध हो जाती हैं और (आत्मा) अपने स्वरूप में अवस्थित हो जाता है, तब योग होता है । महर्षि व्यास योग का अर्थ समाधि करते हैं। व्याकरणशास्त्र में ‘युज्’ धातु से भाव में घञ् प्रत्यय करने पर योग शब्द व्युत्पन्न होता है। महर्षि पाणिनि के धातुपाठ के दिवादिगण में (युज् समाधौ), रुधादिगण में (युजिर् योगे) तथा चुरादिगण में (युज् संयमने) अर्थ में ‘युज्’ धातु आती है। संक्षेप में हम कह सकते हैं कि संयमपूर्वक साधना करते हुए आत्मा का परमात्मा के साथ योग करके (जोड़कर) समाधि का आनन्द लेना योग है। आत्मा जब परमात्मा की उपासना करता है तो भगवान् के दिव्य ज्ञान...